गीत गौं का गढ़वाली गीत संग्रह

गीत गौं का...कबितेर/गितेर- वीरेन्द्र पंवारहाल गौं का...कैकु ब्यो कु मोरि-भाजि,कैकि पुंगड़ि चिळ्दि-बान्जि,कख दिलूमा प्वड़ने गान्जिसोरोऊं-भार्यूं का।सुणौं हाल गौंका।।गौं का हाल सूणा हो! एक उडणा गितांगन् गीत मिसै द्या, ज्वन्या उमाळम्. चल्दि चालम्…

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